Monday, April 7, 2008

हिन्दी फैक्स मशीन

राजभाषा हिन्दी के प्रचार प्रसार के लिए जुटी अधिकारियों की मीटिंग में चिन्ता ज़ाहिर की गयी कि लगातार किये जा रहे प्रयत्नों के बाद भी अभी हिन्दी में पर्याप्त काम नहीं हो पा रहा है। हिन्दी को बढ़ावा दिया ही जाये। le
लेट अस सी, हाऊ वी केन डू दिस।
राजभाषा अधिकारी ने अपना भाषण समाप्त करते हुए कहा। अधिनस्थ कर्मचारियों का हड़कान करते हुए बोले, हिन्दी में काम करना उतना ही सरल है जितना अंग्रेजी में। तो भी क्या कारण कि ऐसा नहीं हो पा रहा है ? 'क' , 'ख' क्षेत्रों में जहां कि शत प्रतिशत कोरसपोंडेंस हिन्दी में होनी चाहिए वहां भी हमारी ज्यादातर कोरसपोंडेंस अंग्रेजी में ही चल रही हैं। अगले हफ्ते पार्लियामेंट कमेटी का इंस्पेशन है, कुछ करो भाई।
चालाक और होशियार युवा क्लर्क ने अधिकारी को गुस्से में जान, छायी हुई चुप्पी को तोड़ा -
"सर आजकल ज्यादातर कोरसपोंडेंस तो फैक्स से ही हो रही है, पोस्ट लेटर तो न के बराबर ही हैं।"
"तो फिर।" अधिकारी ने ध्यान से सुनने के बाद कहा।
"सर ऑफिस में हिन्दी फैक्स मशीन तो है ही नहीं, फिर कैसे करें ?" युवा क्लर्क बोला.
राजभाषा अधिकारी ने जब समस्या को सभा और सभापति के सामने रखा तो सब चिन्तित नज़र आये। अंत में निर्णय लेते हुए पर्चेस डिविजन के अधिकारी को आर्डर दिया गया आज और अभी टेन्डर करो, हिन्दी फैक्स मशीन के लिए।
क्लर्क अपने साथी कर्मचारियों के साथ मुस्कराता रहा।

2 comments:

नैनो said...

विजय भाई,
एक हिन्‍दी फैक्‍स मशीन हमारे यहां पर भी भिजवा दो. नैनो भेज रहा हूं, ढोकर लाने के लिए.

- अविनाश वाचस्‍पति

chandrapal said...

i like it.pls send me regulerly.