Tuesday, October 6, 2009

हिमालय की यात्रायें - २

रामनाथ पसरीचा जी के बारे में पिछली पोस्ट में बताया जा चुका है और उनका मसूरी का एक यात्रा संस्मरण भी दिया गया था।


इस पोस्ट में प्रस्तुत है उनके कुछ पेंटिंग्स और स्कैच जो उन्होंने अपनी यात्राओं के दौरान बनाये हैं।


हिमालय में रात



स्वर्गारोहणी


श्रीनगर का एक पुल


अस्तन गांव 


नचार का लालपुर


एक किन्नर


स्पीति की एक महिला

 
माठी देवी का मंदिर

7 comments:

वन्दना अवस्थी दुबे said...

वाह कमाल की पेन्टिन्ग्स. बहुत सुन्दर.

अजेय said...

अहा मेरा हिमालय!
अद्भुत !
पहली दो तस्वीरें निकोलाई रेरिख् की याद दिलाती है. बहुत प्रेरक पोस्ट. धन्यवाद !

naveen kumar naithani said...

तस्वीरें लगाकर पिछली पोस्ट को और ताजा किया है.
अगर हो सके तो साथ में रोरिक की बनायी पेंटिंग्स भी लगायें.

मुनीश ( munish ) said...

achcha laga ! thnx for sharing .

anup said...

आ! हा! अति आनंदम्!

अर्शिया said...

हिमालय शब्द ही काफी है मन को झंकृत करने के लिए और फिर जब इतनी प्यारी पेन्टिंग हों तो क्या कहना। आभार।
करवा चौथ की हार्दिक शुभकामनाएँ।
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बोटी-बोटी जिस्म नुचवाना कैसा लगता होगा?

प्रदीप कांत said...

VAH, ITANI BADHIYA TASVEEREIN